बिहार सरकार 2.0: 'रिवर्स मोड' में होगा विभागों का बंटवारा? शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग पर टिकी सबकी नजरें
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बिहार सरकार 2.0: 'रिवर्स मोड' में होगा विभागों का बंटवारा? शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग पर टिकी सबकी नजरें

Will the allocation of departments proceed in reverse mode?

Will the allocation of departments proceed in 'reverse mode'?

पटना: नई सरकार के गठन के बाद अब एनडीए के घटक दलों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर मंथन शुरू हो गया है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री भाजपा से होने की स्थिति में विभागों का आवंटन ‘रिवर्स मोड’ में किया जा सकता है।

यानी वर्तमान में भाजपा के पास जो विभाग हैं, वे जदयू को मिल सकते हैं, जबकि जदयू के पास मौजूद विभाग भाजपा के खाते में जा सकते हैं। एनडीए के कई नेताओं का मानना है कि इस तरह की अदला-बदली संभव है।

कार्य विभागों में सबसे ज्यादा बदलाव की संभावना

यदि रिवर्स मोड लागू होता है, तो इसका सबसे अधिक असर कार्य विभागों पर पड़ेगा। अभी पथ निर्माण विभाग भाजपा के पास है, जो जदयू को जा सकता है। वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग फिलहाल जदयू के पास है, जो भाजपा को मिल सकता है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) वर्तमान में लोजपा (रामविलास) के पास है, इसमें बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है।

बद सकते हैं शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई अहम विभाग 

रिवर्स मोड की स्थिति में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, परिवहन और समाज कल्याण विभागों में भी बदलाव संभव है।

  • शिक्षा विभाग (अभी जदयू के पास) भाजपा को मिल सकता है
  • स्वास्थ्य विभाग (अभी भाजपा के पास) जदयू को जा सकता है
  • ग्रामीण विकास, परिवहन और समाज कल्याण (अभी जदयू के पास) भाजपा को मिल सकते हैं

सबसे ज्यादा चर्चा गृह विभाग को लेकर है। लंबे समय तक यह विभाग मुख्यमंत्री के पास रहा, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के बाद यह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया था।

अब कयास लगाए जा रहे हैं कि यह विभाग फिर से मुख्यमंत्री के पास जाएगा या जदयू कोटे के उपमुख्यमंत्री को मिलेगा।

उद्योग और ऊर्जा विभाग पर खास नजर

नई सरकार में उद्योग और ऊर्जा विभाग को विशेष महत्व दिया जा रहा है। निवेश और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार इन क्षेत्रों पर फोकस कर रही है।

फिलहाल उद्योग विभाग भाजपा के पास है, जबकि ऊर्जा विभाग परंपरागत रूप से जदयू के पास रहा है। ऐसे में रिवर्स मोड लागू होने पर ऊर्जा विभाग भाजपा को मिल सकता है।